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Sunday, 1 July 2018

Rose & Lemon Drink

           
                              रोज़ एंड लेमन ड्रिंक
                      ( Rose & Lemon Drink )


         गुलाब (Rose) का शरबत जहाँ एक ओर दिमाग को ठंडा रखता है, वहीं दूसरी ओर गर्मी से भी राहत देता है। यह मन को भी शांत रखता है तथा स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है। इसमें यदि नीबू के रस का सही मात्रा उपयोग किया जाय तो यह अमृत की तरह काम करता है। विशेषकर गर्मियों में इस पेय का हमेशा उपयोग करने से न केवल तन-मन को संतुष्टि मिलती है बल्कि इससे पेट और पाचन संबंधी परेशानियों से भी राहत मिलती है। केमिकल-रहित यह  Rose & Lemon Drink एक अत्यंत स्वास्थ्य-वर्धक शर्बत है।

 रोज एंड लेमन ड्रिंक बनाने की सामग्री :

                                     गुलाब की पंखुड़ी- एक कप
                                     चीनी - 100ग्राम
                                     नींबू - दो

रोज  एंड लेमन ड्रिंक बनाने की विधि :

              सबसे पहले एक कप पानी उबाल लें। जब पानी उबल जाय तो उसमें गुलाब की पंखुड़ी डाल कर कुछ समय के लिए ढँक दें। इसके बाद सौ ग्राम चीनी में दो कप पानी मिलाकर चीनी गलने तक गैस पर रखें, जब चीनी पूरी तरह से गल जाय तो उसमें गुलाब की पंखुड़ी वाला पानी मिलाकर ठंडा होने के लिए रख दें। ठंडा होने के बाद इसमें दोनों नींबू का निकाला गया जूस मिला दें। इस मिश्रण को इसे साफ छन्नी से छान लें। इसके बाद शर्बत दो घण्टे के लिए फ़्रिज में रख दें। तैयार ठंडे इस Rose & Lemon Drink  इच्छााानुसार बर्फ का टुकड़ा डालकर पीने के लिए दें! 
           आपको और मेहमानों को निश्चित ही यह पेय पसंद आएगा! ★★★

Saturday, 30 June 2018

मनमोहा-पोहा:


                                 इलाहाबादी
                                मनमोहा-पोहा
                With Rose & Lemon Drink





          पोहा पूरे देश भर में विभिन्न तरीके से बनाया और खाया जाता रहा है। परंतु पोहा खाने के इतने सारे फायदे हैं कि शायद कम ही लोग जानते होंगे। एक तरफ पोहा डायविटीज के मरीजों का शुगर-लेवल कंट्रोल करता है तो दूसरी तरफ कोलोस्ट्राल भी कम करता है । इसे बहुत सारी सब्जियों के साथ मिलाकर खाने से मोटापा भी कम होता है। इसलिए आज हम सब्जियों का इस्तेमाल करके पोहा बना रहे हैं। चूंकि सब्ज़ीयुक्त पोहा छोटों-बड़ों सबके मन को भाता है, इसलिए इसे 'मनमोहा-पोहा' नाम दिया गया है! उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और आसपास के इलाकों में मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र से भिन्न इस तरह का सब्ज़ीयुक्त पोहा बनाने का चलन है, इसलिए इसका 'इलाहाबादी' विशेषण से भी श्रृंगार किया जा सकता है।

मनमोहा-पोहा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री :
                                 
                             पोहा - एक कटोरी
                            आलू - मध्यम आकार का एक
                            प्याज - छोटे आकार का एक
                            गाजर - आधा कप कटी हुई
                            गोभी - आधा कप कटी हुईं
                            हरी मटर - आधा कप
                            टमाटर - एक मध्यम आकार का
                            हल्दी - आधा टेबल स्पून
                            लाल मिर्च पिसी हुई - स्वादानुसार 
                            नमक - स्वादानुसार
नोट -अपने पसन्द के अनुसार कोई अन्य सब्जी भी मिला सकते हैं!
             
तड़के के लिए सामग्री :

                          राई -एक टेबल स्पून
                          करी पत्ता -आठ से दस पत्ता
                          साबूत लाल मिर्च दो
                          तेल - दो टेबल स्पून

पोहा बनाने की विधि :

             सबसे पहले गोभी, आलू, टमाटर, गाजर और प्याज को धोकर छोटे-छोटे टुकड़े में काट कर रख लें । एक स्टील की छलनी  पर पोहा रखकर सावधानी से पानी डालकर धो लें। इसके बाद गैस जलाकर  कढ़ाई रख दें। अब उसमें दो टेबल स्पून तेल डालें। जब तेल गरम हो जाय, तब उसमें राई डाल दें। राई चटकने लगे तो साबुत लालमिर्च और करी पत्ता तेल में डालें। फिर हल्दी ,प्याज डालें, तथा इसे तब तक भूने जब तक प्याज भूरे  रंग की न हो जाय। इसके बाद धीमी आंच पर गाजर ,आलू कढ़ाई में डाल दें। फिर गोभी और टमाटर डाल दें सबसे बाद में मटर डालें। गैस धीमी करके सारी सब्जियों को पका लें। जब सभी सब्ज़ियां पक जाएं तो लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक  डालें ।अब  धुलें हुए पोहे डाल दें। थोड़ी देर चलाने के बाद गैस बंद कर  दें । हरी धनिया की पत्तियों सें सजाएं।
 गरमा-गर्म मनमोहा-पोहा तैयार है! परोसें, खाएं और खिलाएं! साथ में 'रोज़ एंड लेमन ड्रिंक' ( Rose & Lemon Drink ) से इसका स्वाद और बढ़ाएं, पाएं! ★★★

       

   

Tuesday, 26 June 2018

चीला नम्बर वन:


                            मूंग-दाल का चीला






        कोई भी दाल स्वास्थ्य के लिये अत्यंत लाभदायक होती है। सभी दालों में अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, परन्तु मूंग की दाल सबसे अधिक सुपाच्य एवं स्वास्थ्यप्रद होती है। दाल अगर छिलके वाली हो तो इसके फायदे और ज़्यादा होते हैं! इसलिए आज हम  छिलके वाली मूंग-दाल का चीला बना रहे हैं।

मूंग-दाल चीला बनाने के लिए आवश्यक सामग्री:

                 साबूत मूंग - एक कप
                 नमक - स्वादानुसार
                 हरी मिर्च - एक
                 प्याज - एक मध्यम आकार की
                 लाल मिर्च पावडर- आधा टेबल स्पून
                 धनिया पावडर - आधा टेबल स्पून
                 जीरा पाउडर - आधा टेबल स्पून 
                 घी या मनपसन्द तेल- दो चम्मच

 चीला बनाने की विधि:

      सबसे पहले मूंग को साफ कर पांच घंटे भीगने दें । जब मूंग पूरी तरह फूल जाए तो मिक्सी में मूंग के साथ सभी मसाले, अदरक और हरी-मिर्च तथा आधा कप पानी डालकर इसे दरदरा पीस लें। पीसने के बाद इसे एक बर्तन में निकाल कर रख लें। मूंग के पेस्ट में प्याज बारीक काटकर इसमें मिला दें। स्वादानुसार नमक इस पेस्ट में मिला दें। 
        इसके बाद गैस जलाकर तवा गरम होने को रखें तथा जब तवा पूरी तरह गर्म हो जाय तो उस पर तेल लगाकर यह पेस्ट गोल-गोल आकर में फैला लें। धीमी आंच पर इसे करारा सेंक लें।
          हरी चटनी और सलाद के साथ गरमा-गरम स्वादिष्ट चीला परोसें और खाएं।

               
     
         अपने कमेंट्स और सुझाव भी जरूर कमेंट बॉक्स में लिखें! ■■■

Sunday, 24 June 2018

भोजन और स्वास्थ्य:


                       खाइए, खिलाइए, पचाइए!
                             स्वास्थ्य बचाइये!!


         बढ़िया-बढ़िया खाना बनाना, खाना और खिलाना किसे नहीं अच्छा लगता! गरमी की छुट्टियों में तो रोज़ कुछ नया खाने का मन करता है। लेकिन इन्हीं दिनों पेट कुछ समस्याएं भी सबसे अधिक घेरती हैं। जिसे देखो वही किसी न किसी पेट की समस्या से ग्रस्त रहता है। गैस की समस्या तो आम है ही, पेट-दर्द, अपच, दस्त आदि की समस्याएं भी किसी न किसी को घेरे रहती हैं। ऐसे में एक गृहणी के लिए पूरे घर के हिसाब से खाना बनाना-खिलाना किसी चुनौती से कम नहीं होता।

       आइए, ऐसी ही चुनौती का सामना करने के कुछ सामान्य और कारगर नुस्ख़ों पर विचार करते हैं:

       (1) घर के प्रत्येक सदस्य को भोजन से ज़्यादा पेय-पदार्थों की ओर आकर्षित करें।
       (2) तरह-तरह की खट्टी-मीठी शिकंजी हर समय तैयार रखें और हर एक को दिन में कम से कम तीन बार अलग-अलग स्वाद की शिकंजी पीने के लिए दें।
       (3) प्रत्येक डाइट में नीबू और प्याज का समावेश अवश्य करें।
       (4) हींग और जीरे की मात्रा बढ़ा दें किन्तु मिर्च की मात्रा कम कर दें।
       (5) अलग-अलग अनाजों के उबले रूप को सलाद और नाश्ते के लिए बदल-बदल कर डाइट का हिस्सा बनाएं।
       (6) खीरा का प्रयोग दोपहर के भोजन के समय ज़्यादा से ज़्यादा करें।
       (7) ठोस आहार की अपेक्षा तरल आहार , दलिया, सब्ज़ीयुक्त खिचड़ी, सेवईं, रायता आदि पर जोर दें।
      (8)  फलों की अपेक्षा सूखे मेवे/ड्राई-फ्रूट्स का उपयोग अधिक करें। कारण, बाज़ार में पुराने, कृत्रिम तरीके से पकाए गए, कीटनाशक-दवाइयों से संरक्षित फल ही इन दिनों अधिक बिकते हैं जिनमें मानकों के प्रयोग का प्रायः अभाव होता है। इसलिए ये फल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने की जगह नुक़सान पहुंचाने वाले हो सकते हैं।
        (9) बहुत ठंडे पानी और आइसक्रीम से बचने-बचाने की कोशिश करें।
        (10) घूमने जाएं तो खानों की वैराइटी की जगह प्राकृतिक-धार्मिक-सांस्कृतिक-ऐतिहासिक वातावरण का आनंद अधिक लें।

                     💐💐💐💐💐💐💐💐

Sunday, 22 April 2018

भोजन और भजन


                             जीवन का फ़साना

भोजन और भजन 
दो ऐसे शब्द हैं 
जो अवध के जीवन में 
गुड़-मिठाई की तरह 
रचे बसे हैं!
दोनों 
यहाँ की 
संस्कृति-सभ्यता से 
ऐसे जुड़े हैं
जैसे
शरीर के साथ
आत्मा!...

यहां के गाँवों-कस्बों में 
आप महसूस कर सकते कि 
यहां के जन-साधारण का 
जीवन-दर्शन है:-
'कम खाना, गम खाना,
राम-राम करना
ऊपर वाले का
शुक्र मनाना!
यही है
जीवन का फ़साना,
चार दिन का आना
चार दिन का जाना...
जब तक है 
ये जीवन
दोनों चलेंगे,
युगों-युगों तक
साथ ये रहेंगे!...💐💐💐

Saturday, 24 March 2018

शाकाहार

         
                              शाकाहार
                स्वस्थ आहार, स्वच्छ आहार



माना कि
इंसान भी प्राणी है,
केवल शाकाहार से
मानव-सभ्यता नहीं विकसित हुई...
जानवर शाकाहारी नहीं हैं क्या?

जानवर भी शाकाहार पर
जीवन बिता सकते हैं,
इंसान क्यों नहीं?

खाइए, खिलाइए
शाकाहार
स्वस्थ आहार
स्वच्छ आहार
सबके
जीवन का आधार! ■■