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Sunday, 22 April 2018

भोजन और भजन


                             जीवन का फ़साना

भोजन और भजन 
दो ऐसे शब्द हैं 
जो अवध के जीवन में 
गुड़-मिठाई की तरह 
रचे बसे हैं!
दोनों 
यहाँ की 
संस्कृति-सभ्यता से 
ऐसे जुड़े हैं
जैसे
शरीर के साथ
आत्मा!...

यहां के गाँवों-कस्बों में 
आप महसूस कर सकते कि 
यहां के जन-साधारण का 
जीवन-दर्शन है:-
'कम खाना, गम खाना,
राम-राम करना
ऊपर वाले का
शुक्र मनाना!
यही है
जीवन का फ़साना,
चार दिन का आना
चार दिन का जाना...
जब तक है 
ये जीवन
दोनों चलेंगे,
युगों-युगों तक
साथ ये रहेंगे!...💐💐💐